दादी का डरावना घर | भूतिया कहानी
Ghost story in hindi | best ghost story
सवेरा इंसानों को जीने के लिए दिया गया और अंधेरा उन्हें जीने के लिए दिया गया।
यह कहानी है मेरी दादी मां की मेरी दादी मां एक अलग घर में रहती हैं जहां पर बहुत अंधेरा रहता है वह किसी को भी उसी घर में आने नहीं देती यहां तक कि वह अपने बच्चों को भी उसी घर में नहीं आने देती मेरी दादी मां बहुत बुरी हो चुकी हैं वह अपना खाना खुद नहीं बना सकती। तब भी उन्होंने अपने घर में किसी नौकर को नहीं रखा उनका खाना बाहर से आता है। अगर उन्होंने किसी से मिलना हो तो वह उनके घर चली जाया करती थी लेकिन उसको अपने घर नहीं बुलाया करती थी।
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| Ghost story in hindi |
Ghost story in hindi | भूतों की कहानी
घर के बगल में एक छोटा सा कमरा है शायद पहले वहां पर चौकीदार रहा करते थे लेकिन अब उस कमरे की चाबी उस इंसान के पास है जो दादी मां के लिए खाना लेकर जाया करता था। वह खाना लेकर उस कमरे में जाता और खाना रखकर वहां से निकला था दादी मां के पास उस कमरे की दूसरी चाबी थी तो दादी मां दूसरी चाबी से खाना उठाती हो और चली जाती।
घर आने के बाद यह थी की दादी मां सिर्फ मुझे ही उस घर में आने के लिए नहीं रुकती थी मैं जब जाओ उनके घर में आ जा सकता था बस मुझे दादी मां के कुछ रूल्स को फॉलो करना पड़ता था।
वह दिन मुझे याद है जब मैं दादी मां के घर पर गया उन दिनों दादी मां कहां घर बिल्कुल अलग लग रहा था और दादी मां ने रूल्स बढ़ा दिए थे।
दादी मां के घर गया उन्होंने मुझे मां अपने माथे से चूमा और मुझे खाने के लिए खाना दिया। दादी मां और मैंने बहुत सी बातें करें उसके बाद मैंने दादी मां को कहा कि मुझे नींद आ रही है मैं सोने के लिए जा रहा हूं तो दादी तुमने मुझे कहा तुम पहले मेरी बात सुनो और इस घर के नए नियम जान लो दादी मां ने मुझे कहा तुम इस घर में मीठे का इस्तेमाल नहीं करोगे और अगर रात को किसी भी वजह से नींद खुल जाती है और अगर तुम्हें कोई भी कमरा खुला मिलता है तो उसे बंद नहीं करोगे तुम चुपचाप सो जाओगे। तो मैंने दादी मां से कहा ठीक है दादी मां मैं सब समझ गया इसके बाद हमें कमरे में सोने के लिए चला गया।
घर आने के बाद यह थी की दादी मां सिर्फ मुझे ही उस घर में आने के लिए नहीं रुकती थी मैं जब जाओ उनके घर में आ जा सकता था बस मुझे दादी मां के कुछ रूल्स को फॉलो करना पड़ता था।
वह दिन मुझे याद है जब मैं दादी मां के घर पर गया उन दिनों दादी मां कहां घर बिल्कुल अलग लग रहा था और दादी मां ने रूल्स बढ़ा दिए थे।
दादी मां के घर गया उन्होंने मुझे मां अपने माथे से चूमा और मुझे खाने के लिए खाना दिया। दादी मां और मैंने बहुत सी बातें करें उसके बाद मैंने दादी मां को कहा कि मुझे नींद आ रही है मैं सोने के लिए जा रहा हूं तो दादी तुमने मुझे कहा तुम पहले मेरी बात सुनो और इस घर के नए नियम जान लो दादी मां ने मुझे कहा तुम इस घर में मीठे का इस्तेमाल नहीं करोगे और अगर रात को किसी भी वजह से नींद खुल जाती है और अगर तुम्हें कोई भी कमरा खुला मिलता है तो उसे बंद नहीं करोगे तुम चुपचाप सो जाओगे। तो मैंने दादी मां से कहा ठीक है दादी मां मैं सब समझ गया इसके बाद हमें कमरे में सोने के लिए चला गया।
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| Ghost story in hindi |
रात के 2:00 बजे ( ghost story )
करीब रात के 2:00 बज चुके थे मुझे hall में से किसी औरत की चीखने की आवाज सुनाई दी आवाज सुनने के बाद में यह नींद खुल गई और जब मैंने देखा कि मेरे कमरे का दरवाजा खुला हुआ है लेकिन मैंने तो अपने कमरे का दरवाजा बंद करा था। मैं देखता रहा खुले हुए दरवाजे को फिर अचानक मुझे नींद आ गई और मैं सो गया सुबह होने के बाद मैंने दादी मां से पूछा की रात को मुझे किसी औरत की चीखने की आवाज आई थी और मेरे कमरे का दरवाजा भी खुला हुआ था तो दादी मां ने मुझे कहा कि तुम चिंता मत करो तुम आराम से सो। ऐसे 2 दिन हो चुके थे। तीसरे दिन रात का समय था।
करीब रात के 2:00 बज चुके थे मुझे hall में से किसी औरत की चीखने की आवाज सुनाई दी आवाज सुनने के बाद में यह नींद खुल गई और जब मैंने देखा कि मेरे कमरे का दरवाजा खुला हुआ है लेकिन मैंने तो अपने कमरे का दरवाजा बंद करा था। मैं देखता रहा खुले हुए दरवाजे को फिर अचानक मुझे नींद आ गई और मैं सो गया सुबह होने के बाद मैंने दादी मां से पूछा की रात को मुझे किसी औरत की चीखने की आवाज आई थी और मेरे कमरे का दरवाजा भी खुला हुआ था तो दादी मां ने मुझे कहा कि तुम चिंता मत करो तुम आराम से सो। ऐसे 2 दिन हो चुके थे। तीसरे दिन रात का समय था।
करीब 12:30 बजे मुझे थाली गिरने की आवाज आई तो मैं रात को उठकर फटाफट देखने गया कि क्या हुआ है मैंने देखा कि दादी मां जमीन पर लेटकर चीनी को इकट्ठा कर रही थी तुम्हें फटाफट दादी मां के पास गया और दादी मां के साथ चीनी को इकट्ठा कर और डिब्बे में रख दिया मैंने दादी मां से कहा दादी मां क्या हो रहा है यह सब तो दादी मां ने मुझसे कहा तुम यहां से चले जाओ और चुपचाप अपने कमरे में जाकर सो जाओ मैंने नियम तोड़े हैं अब वह मुझे नहीं छोड़ेगा तुम फटाफट यहां से चले जाओ। मैं सीडीओ के पीछे जाकर छुप गया। फिर मैंने देखा कि एक आदमी चलकर आ रहा है वह बिल्कुल अलग सा लग रहा था और बिल्कुल अजीब सा वह कोई आम इंसान नहीं लग रहा था। वह कोई राक्षस था और वो दादी को कहने लगा आज फिर तुमने नियम तोड़ दिया मेरा तुम्हारा रोज का काम हो गया हमें उस बच्चे को मार दूंगा तुम्हें भी मार दू कैसा रहेगा।
तब मेरी दादी ने कहा तुम उस बच्चे को कुछ नहीं कहोगे। मैंने तुम्हें इस घर में जगह दी है तुम हम मैं से किसी को नहीं मारोगे। चले जाओ चुपचाप यहां से वैसे भी मेरे बनने के बाद यह पूरा घर तुम्हारा ही है। फिर वह राक्षस एकदम गायब हो जाता है। ठीक होती है मैं अपनी दादी मां चाहता हूं और उनसे पूछता हूं दादी को कौन था। तो दादी ने मुझे बताया कि जब तुम्हारे पिता छोटे से तो वह बहुत बीमार हो गए थे उनका इलाज कोई नहीं कर पा रहा था तब मुझे यह आदमी मिला उसने मुझसे कहा कि मैं इस बच्चे को ठीक कर सकता हूं बदले में मैं तुम्हारे घर पर रहूगा। तो मैंने हां कर दी। तुम्हारे पिता को ठीक कर दिया और मैं हमारे घर पर रहने लगा। मेरा पता चला यह एक दांव है। इसने हमारे घर पर कब्जा कर लिया और तब से यही रहता है। तुम यह बात किसी को मत बताना और कल वापस घर चले जाओ। तुमने यह बात किसी को बताई तो यह तुम्हें नुकसान पहुंचा सकता है। तो फिर मैं अगले दिन वापस अपने घर के लिए निकल गया और मैंने यह बात किसी को नहीं बताई।
5 साल बाद( ghost story in hindi )
5 साल बाद मेरी दादी की death हो गई। आज भी वह घर वैसा का वैसा ही है।कोई भी उस घर में नहीं जाता। वहां पर ताला लगा हुआ है।
5 साल बाद मेरी दादी की death हो गई। आज भी वह घर वैसा का वैसा ही है।कोई भी उस घर में नहीं जाता। वहां पर ताला लगा हुआ है।
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