Love story in hindi | pyaar ki khaani
कॉलेज के दिन थे। दोनों साथ में रया करते थे। खाना-पीना उठना बैठना सब साथ प्यार तो बहुत था। बस छोटी सी गलतफहमी हो गई। गलतफहमी की वजह से उसने मुझे छोड़ दिया। मैंने भी नहीं करा कॉल उसे और करता भी क्यों जब गलती सारी उसकी थी। बीच में दूरिया तो आ गई थी।
सोचा वो पहले बुलाई गी। उसने सोचा मैं पहले बुला लूंगा।
ऐसे ही टाइम बीत गया ना उसने मुझे बुलाया और ना मैंने पर दिल में प्यार बहुत था।
मुंह से तो बातें किया नहीं करते थे। पर दिल की बात हमेशा होती थी।
ऐसे ही टाइम बीतता चला गया।
5 साल बीत गए (love story in hindi)
मैं पढ़ने के लिए बाहर चला गया और वह वहीं पर पढ़ रही थी।
5 साल बीत गए। मेरी पढ़ाई पूरी हो चुकी थी। और बाहर मेरी वहीं नौकरी भी लग गई। नौकरी तो अच्छी थी। पर किस्मत का खेल देखो जिस कंपनी में मेरी नौकरी लगी। उसी कंपनी में उसी की नौकरी लगी हुई थी। यहां तक कि बॉस ने साथ काम करने के लिए कह दिया।
मुझे लगा अब तो बुला लेगी पर उसने नहीं बुलाया।
उसने नहीं बुलाया तो मैंने भी नहीं बुलाया।
फिर मैं उसके साथ काम नहीं करना चाहता था। मैंने उससे बात भी नहीं करी और हर काम मैं गलती निकलने लग गया। कुछ दिन ऐसे ही निकल गए।
मैं पढ़ने के लिए बाहर चला गया और वह वहीं पर पढ़ रही थी।
5 साल बीत गए। मेरी पढ़ाई पूरी हो चुकी थी। और बाहर मेरी वहीं नौकरी भी लग गई। नौकरी तो अच्छी थी। पर किस्मत का खेल देखो जिस कंपनी में मेरी नौकरी लगी। उसी कंपनी में उसी की नौकरी लगी हुई थी। यहां तक कि बॉस ने साथ काम करने के लिए कह दिया।
मुझे लगा अब तो बुला लेगी पर उसने नहीं बुलाया।
उसने नहीं बुलाया तो मैंने भी नहीं बुलाया।
फिर मैं उसके साथ काम नहीं करना चाहता था। मैंने उससे बात भी नहीं करी और हर काम मैं गलती निकलने लग गया। कुछ दिन ऐसे ही निकल गए।
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| लव स्टोरी इन हिंदी |
नौकरी से पैसा इकट्ठा करके अच्छा सा मकान लेकर मैंने अपने माता-पिता को भी अपने साथ बुला लिया। जब मेरी मां से बात हुई तो मां ने बताया मैं लड़की रोज हमारे घर तुम्हारे बारे में पूछने आती थी यह सुनकर मैं हैरान हो गया हूं। दिल में प्यार उसके लिए ओर भी बढ़ गया। फिर मैंने उसे कॉल करा उसने फ़ोन नही pick करा। फिर मे उसके घर गया तो पता चला कि वो किसी ओर शहर जाने के लिए रेलवे स्टेशन गई हैं।
फिर मैं फटाफट रेलवे स्टेशन गया। उसे रोकने के लिए कही मुझे छोड़ कर चले गए। जब से मुझे पता लगा था कि वह सिर्फ मेरे लिए विदेश आई थी। मेरे दिल में उसके लिए प्यार और भी बढ़ गया था। मैं नंगे पैर भागता रहा उसकी तलाश में। रेलवे स्टेशन मे जब मैंने उसे देखा। वह भी मुझे देखी जा रही थी। मैं अभी उसे देख जा रहा था। हम दोनों ऐसे ही प्यार के नशे में डूब गए। 5 मिनट तक वह मुझे देख तेरे घर में अभी उसकी आंखों की तरफ देखता रहा।
प्यार में धोखा ( यह स्टोरी भी जरूर पढ़ें)
फिर मैंने उससे कहा क्या तुम मुझसे प्यार करती हो। तो उसने मुझसे कहा तुम्हें क्या लगता है करती हूं या नहीं।
फिर मैंने उसे कहा क्या तुम मेरे लिए यहां पर आई थी। तो उसने मुझे कहा नहीं मैं तो नौकरी के लिए आई थी। अभी भी उसने हां नहीं करी मुझसे प्यार करती है। लेकिन उसकी आंखों में सांफ़ दिखाई दे रहा था। कि वह मुझसे कितना प्यार करती है फिर मैंने उसे जोर से गले लगा लिया। गले लगा के मैं रोने लग गया। तो उसने मुझसे पूछा रो क्यों रहे हो। मैंने उससे कहा मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं।
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| Love story in hindi |
5 साल तुम्हारे बिना मैंने कैसे काटे हैं या मुझे पता है। उसने भी कहा सिर्फ तुम ही नहीं मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं। माना गलती मेरी थी पर एक बार बुला कर तो देखते तुमने तो मुझसे बात ही करना बंद कर दिया। तो मैंने उसे sorry मांगी। उसके बाद में उसे अपने घर ले गया।
अपने माता-पिता से हम दोनों की शादी के बारे में बात करी और कुछ दिनों बाद हमने शादी कर ली।
Moral:- गलती चाहे लड़की की ही आखिर मैं माफी लड़के को ही मांगनी पड़ी।
अपने माता-पिता से हम दोनों की शादी के बारे में बात करी और कुछ दिनों बाद हमने शादी कर ली।
Moral:- गलती चाहे लड़की की ही आखिर मैं माफी लड़के को ही मांगनी पड़ी।



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